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International Journal of
Social Research and Development
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VOL. 8, ISSUE 2 (2026)
डिजिटल राजनीति और सोशल मीडिया का भारतीय-चुनावों में प्रभाव
Authors
दीपक नाथ, डॉ. हेमा
Abstract
भारतीय चुनाव में डिजिटल राजनीति और सोशल मीडिया ने प्रचार, मतदाता जुडाव और विमर्श को पूरी तरह बदल दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्‌वीटर और सीधे मतदाताओं क्षेत्रीय भाषाओं के मंचो (जैसे शेयर चैट) के माध्यम से दल सीधे मतदाताओं तक पहुँच रहे हैं। यह तकनीक AI, डेटा एनालिटिक्स और सूक्ष्म - लक्ष्यीकरण (Micro-targeting) द्वारा अभियान को प्रभावी बनाती है, लेकिन फेक न्यूज, ध्रुवीकरण और अनियंत्रित व्यय की चुनौतियां भी पैदा करती हैं। राजनेता अब पारम्परिक मीडिया के बजाय सीधे जनता (विशेषकर युवाओं) से जुड़ रहे हैं। रैलियों का Facebook Live और Whatsapp के जरिए हर घर तक पहुँच आसान हो गई है। पार्टियों ने डिजिटल कंसल्टेंसी और IT सेल के माध्यम से मतदाताओं के व्यवहार का विश्लेषण कर उन्हें व्यक्तिगत सन्देश भेजने की क्षमता हासिल कर ली है, जिसे 2019 के Whatsapp चुनाव" के रूप में देखा गया। फेक न्यूज का तेजी से प्रसार, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, ट्रोलिंग और "राष्ट्र-विरोधी" विमर्श जैसी प्रवृत्तियां बढ़ी हैं। साथ ही बडे दलों द्वारा विज्ञापन पर भारी खर्च चुनावी समानता को प्रभावित करता है। 2024 के चुनावों में AI जनित भाषणों और डीपफेक का उपयोग बढ़ा है, जिससे राजनीतिक सामग्री की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया को आदर्श आचार संहिता के दायरे में लाते हुए निगरानी कड़ी की हैं। यह शोध ये बताएगा कि सोशल मीडिया ने भारतीय लोकतन्त्र में भागीदारी बढाई है, लेकिन यह चुनावी सुनिश्चिता के लिए गम्भीर चुनौतियाँ भी पेश करता है। 
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Pages:71-74
How to cite this article:
दीपक नाथ, डॉ. हेमा "डिजिटल राजनीति और सोशल मीडिया का भारतीय-चुनावों में प्रभाव". International Journal of Social Research and Development, Vol 8, Issue 2, 2026, Pages 71-74
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