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VOL. 7, ISSUE 1 (2025)
भारत में जाति की राजनीति - एक अध्ययन
Authors
निर्मल बम्बोरिया
Abstract
भारत में औपनिवेशिक दौर में और उसके बाद के शुरूआती दशकों में जाति को आधार बनाकर परिवर्तनकारी राजनीति करने की कोशिशे हुई। डॉ. अम्बेडकर ने दलितों में राजनीतिक चेतना भरने की पुरजोर कोशिश की। संविधान द्वारा भारत में जाति, निरपेक्ष, धर्म निरपेक्ष, व्यवस्था कायम की गई है, परन्तु हमारी राजव्यवस्था के सम्मुख प्रमुख चुनौति जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, सम्प्रदायवाद आज भी विद्यमान है। हमारा संविधान 1950 में लागू हुआ परन्तु आज भी हमारे राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जो जातिवाद से प्रभावित न हो। उक्त शोध पत्र में भारतीय लोकतन्त्र में जातिगत राजनीति का अध्ययन किया गया है।
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Pages:47-48
How to cite this article:
निर्मल बम्बोरिया "भारत में जाति की राजनीति - एक अध्ययन". International Journal of Social Research and Development, Vol 7, Issue 1, 2025, Pages 47-48
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