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International Journal of
Social Research and Development
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VOL. 5, ISSUE 2 (2023)
प्रवासी भारतीय एवं भारत-रूस सम्बंध
Authors
अखिलेश पाल
Abstract
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा डायस्पोरा है। पचास देशों से अधिक में रह रहे प्रवासी भारतीयों की जनसंख्या करीब दो करोड़ है। रूस के सांख्यिकी विभाग गरोसस्तात‘त के अनुसार रूस में बीस हजार से अधिक भारतीय रहते हैं। जो रूस में अपने वातावरण और संस्कृति से कटे होने तथा अपनी विरासत और रूसी सभ्यता से तालमेल, रहन-सहन की समस्याओं, आस्थाओं व विचारों के विरोधाभाषों से जद्दोजहद करते दिखाई देते हैं। रूस में प्रवासी भारतीयों को अपनी संस्कृति से मोह है। सोवियत संघ के विघटन के बाद उसका सबसे बड़ा गणराज्य ‘रूस‘ अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण इकाई के रूप में अवतरित हुआ। भारत के साथ संबंध हमेशा से रहे हैं और यह हमारे देश की विदेश नीति की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक हैं। हमारी मित्रता के आपसी संबंध सहानुभूति, विश्वास और खुलेपन से भरे हुए हैं।
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Pages:42-43
How to cite this article:
अखिलेश पाल "प्रवासी भारतीय एवं भारत-रूस सम्बंध". International Journal of Social Research and Development, Vol 5, Issue 2, 2023, Pages 42-43
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