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VOL. 3, ISSUE 1 (2021)
दीनदयाल उपाध्याय जी की पोषणीय समाज की संकल्पनाः एक भौगोलिक अध्ययन
Authors
Dr. Rajesh Yadav
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन में दीनदयाल उपाध्याय जी की पोषणीय समाज की संकल्पना का विश्लेषण किया गया है। इस शोध पत्र में दीनदयाल जी का संक्षिप्त जीवन परिचय, उनकी समाज की आत्मनिर्भरता का अर्थ, एकात्म मानव दर्शन, अखण्ड भारत एवं अखण्ड मण्डलाकार व्यवस्था एवं दीनदयाल जी के अन्त्योदय विचार का बड़े ही विस्तार से चर्चा की गई है। दीनदयाल जी के अनुसार शिक्षा एवं चिकित्सा, प्रत्येक खेत को पानी के साथ ही प्रत्येक हाथ को काम की भी वकालत करते थे, इन सबका भी इस शोध पत्र में विश्लेषण किया गया है। इसके अलावा दीनदयाल जी का आर्थिक चिंतन, कृषि व्यवस्था एवं कुटीर उद्योग, भारतीय संस्कृति, धार्मिक संकल्पना एवं दीनदयाल जी के अनुसार उनकी पोषणीय प्र्यावरण के प्रति विचारों का भी बड़े ही तथ्यों के साथ तार्किक विश्लेषण किया गया है।
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Pages:26-29
How to cite this article:
Dr. Rajesh Yadav "दीनदयाल उपाध्याय जी की पोषणीय समाज की संकल्पनाः एक भौगोलिक अध्ययन ". International Journal of Social Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2021, Pages 26-29
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